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सड़क सुरक्षा का भी पाठ पढ़ेंगे देवभूमि के विद्यार्थी

Fri, 14 Jun 2019 12:44 PM IST
Krishan Singh धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
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फाइल फोटो
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हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार सड़क सुरक्षा (रोड सेफ्टी) को पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रही है। हिमाचल में हर साल औसतन तीन हजार सड़क  दुर्घटनाएं होती हैं।

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इन हादसों में औसतन 1200 लोगों की मौत होती है। इससे सबक लेते हुए सरकार ने सड़क सुरक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला लिया है। इसके लिए परिवहन विभाग ने एनसीईआरटी और एससीईआरटी को पत्र लिखा है।

रोड सेफ्टी की बैठक में इस मामले पर विस्तृत चर्चा हुई है। इसमें फैसला लिया गया है कि जब बच्चा कक्षा में ही यातायात के नियम जानना शुरू कर देगा तो बड़ा होने पर उसे पता रहेगा कि गाड़ी कैसे चलाई जानी है।  
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हिमाचल में अभी सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस, लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग काम कर रहा है। हादसा होने पर पुलिस विभाग के जवान मौके पर जाते हैं। अगर मौके पर लगता है कि यहां हादसा हुआ है और वह ब्लैक स्पॉट है तो ऐसी स्थिति में लोक निर्माण विभाग इसे ठीक करता है।

इसके अलावा लोक निर्माण विभाग खुद भी अपने स्तर पर इन स्पॉटों का चयन करता है। परिवहन विभाग का मानना है कि हिमाचल में अधिकांश हादसे शराब पीकर गाड़ी चलाने, ओवर स्पीड और ओवर टेक करने से हो रहे हैं। जब इन बातों को पाठ्यक्रम में समझाया जाएगा तो हादसों पर अंकुश लग सकेगा। 

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अभिनय और फिल्म निर्माण के कोर्स भी शुरू करेंगे विश्वविद्यालय 

रोड सेफ्टी को पाठ्यक्रम में शामिल करने को लेकर एनसीईआरटी और एनसीईआरटी को पत्र लिख दिया है। हादसों पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है। - जेएम पठानिया, निदेशक परिवहन विभाग

हिमाचल सरकार की नई फिल्म नीति में भी अभिनय और फिल्म निर्माण को पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात है। इससे प्रदेश में विद्यार्थियों को अभिनय की इस कला का प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

सरकार ने फिल्म नीति को पिछले दिनों ही अधिसूचित किया है। इसमें प्रदेश के विश्वविद्यालयों को परफॉर्मिंग आर्ट्स के बारे में कोर्स शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात है। 
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