बाजार में बैठने के लिए मांगी जगह, मेयर बोले-नहीं दे सकते अनुमति, अदालत कर रही है निगरानी
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तहबाजारी, बोले-सिर्फ लोअर बाजार में हो रही कार्रवाई
तहबाजारियों के पास नहीं राशन तक के पैसे : पवन अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के लोअर, मिडिल और लक्कड़ बाजार में हो रही नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ तहबाजारी सोमवार को महापौर सुरेंद्र चौहान से मिलने टाउनहॉल पहुंचे।
मेयर से मिलकर तहबाजारी नेताओं ने राहत की मांग की। हालांकि मेयर से मिलने के बाद बाहर लौटे तहबाजारियों ने निगम की कार्रवाई का विरोध किया और कहा कि हम पर गोलियां चल जाएं लेकिन लोअर बाजार से नहीं हटेंगे। मांग की कि लोअर बाजार में दो फीट ही सही लेकिन जगह दी जाए। मेयर ने कहा कि इसकी अनुमति नहीं दे सकते। यह नो वेंडिंग जोन है। कोर्ट इसकी निगरानी कर रहा है। तहबाजारी नेता पवन शर्मा ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर सिर्फ लोअर बाजार के तहबाजारियों को ही निशाना बनाया जा रहा है, यह भेदभाव है। दूसरे बाजार जहां पैदल तक नहीं चल सकते, वहां कार्रवाई नहीं होती। बाजार से हटाए गए तहबाजारी 15 दिन से भटक रहे हैं। किसी के पास दवाई के पैसे नहीं है तो कोई राशन नहीं ले पा रहा।
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अन्य तहबाजारियों ने कहा कि नगर निगम ने तिब्बती, रिवोली मार्केट और रामबाजार से शिफ्ट किए तहबाजारियों को दुकानें बनाकर दी थीं लेकिन लोअर बाजार के तहबाजारियों को ऐसी कोई सुविधा नहीं दी। मेयर ने कहा कि आजीविका भवन में दुकानें बनाकर दी है। तहबाजारी बोले कि पहले शिफ्ट किए कारोबारी आजीविका भवन को छोड़ रहे हैं। ग्राहक न होने से उनका भी काम नहीं चलेगा। उन्हें शिफ्ट करना ही है तो ऐसी जगह बसाया जाए जहां ग्राहक आते हों। आश्वासन दिया कि तहबाजारियों को बसाने के लिए प्रयास चल रहे हैं।
चुनाव में कांग्रेस को दिया समर्थन, अब छीन रहे रोजी-रोटी मेयर के पास तहबाजारी बोले कि चुनाव के वक्त हमने कांग्रेस को समर्थन दिया लेकिन अब आपकी सरकार में हमारी रोजी रोटी छीनी जा रही है। बाजार से निकाला जा रहा है। महापौर ने कहा कि इस मामले में चुनाव क्यों घसीट रहे हैं। निगम नियमानुसार ही कार्रवाई कर रहा है।