लावारिस कुत्तों ने एक मजदूर को काटकर लहूलुहान कर दिया था। आयोग के अध्यक्ष पीएस राणा ने इस मामले में नगर निगम शिमला को 20,000 रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। न्यू शिमला के कुफरी धार निवासी पीड़ित मजदूर ज्ञान बहादुर पर 26 दिसंबर 2023 को जब अपने काम पर जा रहे थे तो उन पर लावारिस कुत्तों के झुंड ने हमला बोल दिया था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता देकर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पीड़ित को इस दौरान दर्दनाक प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। उनके घायल पैर में बारह टांके लगे। राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया और जांच शुरू की।
आयोग ने आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने में लापरवाही का हवाला देते हुए शिमला नगर निगम को इस घटना के लिए जिम्मेदार पाया। अपने आदेश में आयोग ने नगर निगम को पीड़ित को 20,000 रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए। आयोग ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के उस फैसले का हवाला दिया, जिसमें कुत्ते के काटने के शिकार लोगों के लिए मुआवजा अनिवार्य किया गया है। इसमें प्रति दांत के निशान के लिए न्यूनतम 10,000 रुपये और गंभीर चोटों के लिए 20,000 रुपये दिए जाने का प्रावधान है।