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बीआरओ को फिर सौंपा चीन सीमा तक पहुंचाने वाला समदो-ग्रांफू हाईवे

Wed, 24 Jun 2020 01:34 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, केलांग/कोकसर(लाहौल-स्पीति)
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समदो-काजा-ग्रांफू हाईवे - फोटो : अमर उजाला
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चीन से तनाव के बीच सीमा पर सड़कों के निर्माण में तेजी के भारत सरकार के फैसले के बाद सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 250 किलोमीटर लंबे समदो-काजा-ग्रांफू हाईवे का जिम्मा हिमाचल सरकार से वापस लेकर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंप दिया गया है। 18 जून को जारी राजपत्र में इसे अधिसूचित किया गया है। एनएच काजा में बतौर अधिशाषी अभियंता का प्रभार देख रहे अधिकारी सोनम ज्ञामजो ने इसकी पुष्टि की है। यह हाईवे लाहौल के ग्रांफू में मनाली-लेह सामरिक मार्ग से जुड़ता है। स्पीति में यह मार्ग चीन बॉर्डर से सटे समदो तक जाता है।

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सेना के जवानों को आने-जाने में दिक्कत न हो, इसलिए सरकार इस हाईवे पर पैचवर्क का काम करवा रही थी। टारिंग के लिए सरकार ने बीआरओ को पत्र लिखकर सड़क का रिकॉर्ड मांगा था लेकिन इसी बीच इस हाईवे का जिम्मा दोबारा बीआरओ के पास आ गया है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आठ जून को ‘अमर उजाला’ के वेबीनार के दौरान कहा था कि किन्नौर से चीन बॉर्डर तक जाने वाली सड़क की देखरेख के लिए प्रदेश सरकार के निवेदन पर ही बीआरओ से सड़क लेकर दी गई है। वहां अगर कोई समस्या है तो उसे प्रदेश सरकार ही सुलझा पाएगी। 

चला था हाई वोल्टेज ड्रामा
अप्रैल महीने में यह हाईवे राज्य सरकार को मिला तो स्पीति घाटी में बखेड़ा खड़ा हो गया। बीआरओ में तैनात करीब 250 स्थानीय मजदूर बेरोजगार हो गए। कई दिनों तक मजदूरों ने क्रमिक अनशन किया। हालांकि, बाद में सरकार ने मजदूरों को रोजगार का आश्वासन देकर अनशन खत्म करवा दिया था। बताया जा रहा है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने इस मार्ग के कुछ प्वाइंटों में गुणवत्ता पर सवाल भी उठाए हैं।

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