शिमला। हिमाचल सिनेफाइल्स संस्था की ओर से कालीबाड़ी स्थित वाईडब्लूसीए के सेमिनार हॉल में शुक्रवार को मां फिल्म की स्क्रीनिंग हुई। इसमें एक मजदूर और मां की कहानी दिखाई है।
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उत्पल दत्त द्वारा निर्देशित यह फिल्म मक्सिम गोर्की के उपन्यास पर आधारित है। इसमें भारतीय परिवेश में ढलते हुए पश्चिम बंगाल के दार्जलिंग में चाय बागान के एक मजदूर और उसकी मां की व्यथा को दर्शाया है। मजदूर एक फैक्ट्री में काम करता है। इसका पिता उसकी मां को मारता-पीटता है। कुछ समय बाद मजदूर के पिता की मृत्यु हो जाती है। इसके बाद मजदूर शराब पीना शुरू कर देता है। मां बड़ी मुश्किल से अपने घर को चलाती है। इस फिल्म की शूटिंग दार्जलिंग में हुई है तथा यह बंगाली भाषा में है। संस्था की संयोजक नमिता ने बताया कि गोर्की का यह उपन्यास दुनिया की सबसे अधिक भाषाओं में अनुवाद होने वाली किताबों में से एक है। इस उपन्यास पर अनेक फिल्में बनी हैं। नमिता ने कहा कि हिमाचल सिनेफाइल्स की यह कोशिश है कि श्रोताओं को भारत और विश्व के जनपक्षधर सिनेमा से परिचित कराया जाए। संवाद