इस भवन में चल रहा स्कूल।
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नहीं तो प्रतिदिन अध्यापक बदलता है। स्कूल में मिड डे मील, चतुर्थ श्रेणी कर्मी नहीं है। बच्चों और अध्यापकों की हाजिरी के अलग-अलग रजिस्टर, टाट, दो कुर्सियां और एक छोटा टेबल भी धमांदरी स्कूल से आया। समय- सुबह 11:00 बजे। स्कूल परिसर में घूमते समय अचानक मोबाइल पर नजर पड़ी तो सिग्नल नहीं दिखा। आपातकाल में स्कूल से किसी को फोन करना किसी चुनौती से कम नहीं। 300 मीटर दूर जाकर गांव के तीन-चार घरों में आवाज में लगाई, परंतु कोई भी बाहर नहीं आया।
कैंट गांव ग्राम पंचायत चौकी मन्यार के तहत पड़ता है। पंचायत प्रधान संजय कुमार ने बताया कि स्कूल की इमारत जल्द बनेगी। शौचालय और पानी की सुविधा भी होगी। अप्रैल 2023 से बच्चों की संख्या भी स्कूल में 20 से 25 तक होने की संभावना है। यदि सुविधाएं मिले और बच्चों की संख्या बढ़े तभी ऐसे क्षेत्र में स्कूल चलाने का फायदा है। नियमित अध्यापक की नियुक्ति होने पर ही अभिभावकों का रुझान स्कूल में बच्चों को भेजने की ओर बढ़ेगा। तब तक कोई आगे नहीं आएगा।
कैंट स्कूल में शीघ्र ही एक नियमित अध्यापक की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही स्कूल के अपने भवन को लेकर भी जल्द प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीद है कि नई सुविधाओं के शुरू होने से कैंट स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ेगी। - देवेंद्र चंदेल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग