अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी में लोकसभा चुनाव के चलते लागू हुई आचार संहिता के चलते अब नगर निगम सदन में कोई भी नया फैसला नहीं लिया जा सकेगा। मई तक नगर निगम सदन तो बुलाया जाएगा लेकिन इसमें किसी भी वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलेगी।
वित्त संविदा एवं योजना समिति की मासिक बैठक में कई वित्तीय फैसले लिए थे जिन पर सदन में अंतिम मंजूरी मिलनी थी। लेकिन अब इन प्रस्तावों को सदन में चर्चा के लिए नहीं रखा जाएगा। इनमें कर्मचारियों को चार फीसदी महंगाई भत्ता देने, भरयाल में मेथीनेशन प्लांट लगाने समेत कई प्रस्ताव शामिल हैं। आचार संहिता के बीच शहर में भवनों के नक्शे पास करने के लिए सिंगल अंब्रेला कमेटी की बैठक बुलाने के लिए भी अब चुनाव आयोग से मंजूरी लेनी होगी। यह कमेटी हर महीने में दो बार बैठक बुलाकर नक्शे पास करती है। नगर निगम ने ज्यादातर कामों के टेंडर दो दिन पहले ही ठेकेदारों को सौंप दिए हैं। ऐसे में इनके काम शुरू हो सकेंगे। इन पर आचार संहिता का असर नहीं पड़ेगा। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि कामों को शुरू करने की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। ठेकेदार को काम अवार्ड कर दिए हैं।