11 जिलों का गणित में परिणाम 40 फीसदी से कम है। सिर्फ मंडी जिले ने 40 फीसदी का आंकड़ा पार किया है। मंडी का प्रदर्शन भी बहुत अच्छा नहीं है। मंडी से मात्र 0.22 फीसदी के साथ गणित विषय में प्रदेश में टॉप किया है।
सर्वे के मुताबिक आठवीं के गणित विषय में लाहौल-स्पीति का सबसे कम 29.28 फीसदी परिणाम रहा है। बिलासपुर का 35.07, चंबा का 32.34, कांगड़ा का 35.75, ऊना का 35.58, हमीरपुर का 33.69, सिरमौर का 30.24, सोलन का 39.78, किन्नौर का 32.98,
शिमला का 36.65 और कुल्लू जिले का 32.37 फीसदी परीक्षा परिणाम रहा है। विज्ञान में बिलासपुर का 39.86, चंबा का 37.53, कांगड़ा का 42.68, ऊना का 41.49, हमीरपुर का 39.08, सिरमौर का 36.09, सोलन का
47.92, किन्नौर का 44.23, मंडी का 47.56, लाहौल-स्पीति का 42.22, शिमला का 46.90 और कुल्लू जिले का 39.99 फीसदी परीक्षा परिणाम रहा है। आठवीं के अपेक्षाकृत तीसरी और पांचवीं कक्षा के बच्चों का परिणाम संतोषजनक रहा है।
पर्यावरण विज्ञान, भाषा और गणित विषय में सभी जिलों का परिणाम ठीक रहा है। तीसरी कक्षा के गणित विषय में कांगड़ा का औसत परिणाम सबसे अधिक 76.20 फीसदी रहा है,
जबकि सिरमौर का औसत परिणाम सबसे कम 41.10 फीसदी रहा। पांचवीं के गणित विषय में भी कांगड़ा 62.36 फीसदी के साथ अव्वल और सिरमौर 37.55 फीसदी के साथ फिसड्डी रहा है।
एनसीईआरटी ने 13 नवंबर, 2017 को प्रदेश के 1947 स्कूलों में 25393 बच्चों की अचीवमेंट सर्वे के तहत परीक्षा ली थी। तीसरी के 6664, पांचवीं 7515 और आठवीं के 11214 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। तीसरी और पांचवीं की भाषा, पर्यावरण विज्ञान और गणित विषय की परीक्षा ली गई थी।
आठवीं की भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन विषय की परीक्षा ली गई थी। ओएमआर शीट्स के माध्यम से परीक्षा ली गई थी। इसके तहत विद्यार्थियों से ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे गए थे।