दो और दो साल से छोटे बच्चे, 65 साल तथा इससे ज्यादा उम्र के लोगों को यह बीमारी आसानी से गिरफ्त में लेती है। इसका कारण यह है कि इन लोगों के शरीर में बीमारी से लड़ने की क्षमता कम होती है। गर्भवती महिलाएं और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को भी जल्द यह बीमारी अपनी चपेट में लेती है।
तीन श्रेणियों में होती है बीमारी
सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार को ए श्रेणी में रखा गया है, जबकि 101 और इससे ज्यादा बुखार आने को बी और चार दिन तक इस बुखार के न उतरने को सी श्रेणी में रखा गया है।
बुखार कंट्रोल न होने पर रेफर करें मरीज
स्वास्थ्य निदेशालय ने एडवाजरी जारी की है कि बुखार कंट्रोल में होने की स्थिति में मरीजों को तुरंत आईजीएमसी और टांडा रेफर करें। यह बीमारी एक से दूसरे में फैलती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को भीड़भाड़ से दूर या मुंह-नाक पर मास्क लगाने की सलाह दी है। स्वाइन फ्लू का वायरस हवा में फैलता है। किसी के शरीर में प्रवेश कर यह लोगों को अपनी गिरफ्त में ले सकता है।