हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के मुबारिकपुर में धर्म संसद के समापन के बाद यति सत्यदेवानंद सरस्वती ने हिमाचल प्रदेश में हर तीन महीने बाद धर्म संसद के आयोजन की बात कही है। ऊना में प्रेस वार्ता में सत्यदेवानंद सरस्वती ने कहा संत समाज हर तीन महीने बाद धर्म संसद का आयोजन करने की योजना बना रहा है। जल्द इसको लेकर घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने संत समाज के इस बयान का विरोध किया कि हिंदू परिवारों को चार बच्चे पैदा करने चाहिए। भाजपा नेता जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की वकालत कर रहे हैं, लेकिन वे इस बारे में हमें ज्ञान न दें। सत्यदेवानंद सरस्वती ने कहा कि यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के नेतृत्व में संत समाज ने जितना संघर्ष जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर किया, शायद उतना भाजपा के किसी संगठन ने नहीं किया। भाजपा के किसी संगठन ने यह मांग उठाई भी होगी तो वह भी संत समाज के सहयोग से हुआ होगा।
कानून को लेकर संत समाज ने लिखे खून से खत
सत्यदेवानंद ने कहा कि संत समाज ने केंद्र सरकार, सुप्रीमकोर्ट को खून से खत लिखकर भी जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की मांग की, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। देश में भाजपा के राज को आठ साल का समय हो गया है, लेकिन जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। कानून न आने तक हिंदू समाज के लोग दो से अधिक बच्चे पैदा करें और उन्हें शस्त्र चलाना सिखाएं।
गांधीवाद के रास्ते चले गडसेवादी
सत्यदेवानंद सरस्वती ने भाजपा नेताओं पर जमकर हमला बोला। कहा कि जब जनता ने आपको चुना था उस समय आप गडसेवादी थे। अब आप गांधीवाद के रास्ते पर चल पड़े हैं। जो हम अपने शिष्यों को नसीहत दे रहे हैं, उसमें कोई तीसरा हस्तक्षेप न करे। आने वाले चुनावों में जनता आपने सवाल करेगी। भाजपा के पास सौ फीसदी हिंदू वोटर हैं। उन्हें समाज को लेकर सोच-समझकर बयान देना चाहिए। बता दें कि हाल में पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार ने बयान दिया था कि केंद्र सरकार को जनसंख्या नियंत्रण को लेकर विशेष कानून लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म के कुछ प्रमुख नेता प्रचार कर रहे हैं कि हिंदू परिवार चार-चार बच्चे पैदा करें। यह बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि उसे और बढ़ाना है।