प्रदेश में स्पाइनल इंजरी केयर सेंटर बनाने की कवायद शुरू हो गई है। सरकार ने राज्य में सेंटर खोलने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क किया था। केंद्र सरकार ने भी प्रदेश के इस प्रस्ताव पर रुचि दिखाई है।
इसके बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है। अभी तक प्रदेश में रीढ़ की चोट या परेशानी पर सिर्फ टांडा मेडिकल कॉलेज और आईजीएमसी में ही इलाज हो पाता था।
इसमें भी विशेषज्ञ डॉक्टरों पर अतिरिक्त बोझ के चलते लोगों को दूसरे प्रदेशों के अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। इसके चलते मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
मरीजों को हो रही परेशानी और रीढ़ में चोट और अन्य दिक्कत के बढ़ते मामलों के बीच विभाग ने पहला स्पाइनल इंजरी केयर सेंटर खोलने की कवायद शुरू की है।
विशेषज्ञों की मानें तो प्रदेश में रीढ़ का स्पेशलिस्ट इलाज मिलने पर लोगों की दिक्कत कम होंगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर इलाज मिलने पर वे लोग भी इलाज कराएंगे, जो दूर जाने के झंझट के चलते तकलीफ को सहते रहते थे।
वहीं, प्रदेश के प्रधान सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रबोध सक्सेना ने बताया कि फिलहाल इंजरी केयर सेंटर बनाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। उपयुक्त जमीन मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से बजट के लिए बात की जाएगी।