इस परिदृश्य का विकास एनडीएमए, आईआईटी मुंबई और मद्रास के तकनीकी सहयोग से किया गया। गुरुवार को मॉक अभ्यास सुबह साढ़े आठ बजे ट्रिगर किया गया। राज्य एवं जिला आपातकाल अभियान केंद्रों को तुरंत सक्रिय किया गया। ओंकार शर्मा ने कहा कि जिलावार परिस्थितियां एसडीएम द्वारा दी गई और जिलों को 112 घटना स्थल दिए गए थे। अभ्यास के दौरान आए काल्पनिक भूकंप में मोबाइल एवं लैंड लाइन सुविधा बाधित होने की स्थिति को मानते हुए 836 वायरलैस सेट और 62 आई सेट फोन प्रयोग में लाए गए।
अभ्यास के दौरान विभिन्न गतिविधियां जैसे बचाव एवं राहत, प्रभावितों को परिवहन सुविधा, राहत शिविरों का प्रबंध, यातायात नियंत्रण, कानून व्यवस्था, मॉक संदेशों के रूप में एसईओसी को स्थिति की जानकारी, राज्य मुख्यालय से आवश्यक सहायता के संबंध में प्रोजेक्शन, हवाई अड्डों और चिन्हित हैली बेसिज का एक्टिवेशन, क्षति एवं हानि मूल्यांकन प्रक्रिया की कार्रवाई की गई।
अभ्यास के दौरान हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के लिए तैयार था लेकिन खराब मौसम के चलते नहीं उड़ सका। इसके बाद डीब्रीफींग भी की गई जिसमें ओंकार शर्मा, वीके नायक, सेना और अर्धसेना बल के अफसरों ने उपायुक्तों से वीडियो कांफ्रेंस से बातचीत की। अभ्यास के दौरान बीआरओ व वायुसेना के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। अस्पतालों की तत्परता का निरीक्षण करने के लिए सेना के स्वास्थ्य अधिकारी भी तैनात किए गए थे।