हिमाचल में अब तक पिंजरे में बंद रहने वाला राज्य पक्षी जाजुराणा अब खुले जंगलों में विचरण करता नजर आएगा। प्रदेश सरकार ने जाजुराना की संख्या बढ़ाने और उसे पिंजरे से मुक्त करने का फैसला लिया है। देश-दुनिया के एकमात्र जाजुराना प्रजनन केंद्र सराहन में जैसे-जैसे राज्य पक्षी की संख्या बढ़ती जाएगी, वैसे-वैसे बड़े पक्षियों को जंगल में छोड़ा जाएगा।
प्रदेश सरकार ने लगभग एक दशक पहले मोनाल के बजाय जाजुराना को राज्य पक्षी घोषित किया गया था ताकि दुर्लभ पक्षी का संरक्षण किया जा सके। दुनिया भर में जाजुराना की संख्या महज 2500 है। प्रजनन केंद्र सराहन में कुल 26 जाजुराना हैं। इसमें 13 नर जबकि 13 ही मादा जाजुराना है।
इनकी उम्र 1 साल से अधिक है। केंद्र का दावा है कि पूरे प्रदेश में और कहीं भी जाजुराना नहीं पाया है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए चिडि़याघर और नेचर पार्क में यहीं से जाजुराना भेजे जाते हैं। हालांकि, कुल्लू स्थित विश्व धरोहर ग्रेट हिमालयन पार्क में जाजुराना होने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश में आधिकारिक तौर पर इनकी कभी गिनती नहीं हुई है। वाइल्ड लाइफ विंग संख्या बढ़ने पर इन्हें साइंटिफिक तरीके से जंगलों में छोड़ेगा।
राज्य पक्षी जाजुराना को जंगल में छोड़ने का फैसला लिया गया है। जैसे-जैसे सराहन प्रजनन केंद्र में राज्य पक्षी की संख्या बढ़ती जाएगी, वैसे-वैसे इनको पिंजरे से बाहर निकाला जाएगा। जाजुराना दुर्लभ पक्षी है, दुनिया में इसकी संख्या काफी कम है।
-ठाकुर सिंह भरमौरी, वन मंत्री, हिमाचल प्रदेश