आपात स्थिति में उपचार करवाने आए मरीजों को मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (आईजीएमसी) के ट्राॅमा ब्लॉक को 31 मई तक शुरू करना होगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इसको लेकर निर्देश जारी किए हैं। सीएम ने प्रबंधन को स्पष्ट किया कि वह इसी माह शुरू करवाना चाहते हैं, ताकि आपात स्थिति में इलाज करवाने आए मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकें।
आईजीएमसी के नए ओपीडी ब्लॉक के साथ लगभग 30.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ट्रॉमा ब्लॉक का 9 मार्च को लोकार्पण किया था लेकिन चार माह बाद भी इसे प्रबंधन शुरू नहीं करवा पाया। लिहाजा अस्पताल में बढ़ती मरीजों की भीड़ और बेहतर व्यवस्था सेवा उपलब्ध करवाने के लिए हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू प्रबंधन के साथ बैठक की थी। इसके बाद उन्होंने इसको लेकर समयावधि तय की है। अब अधिकारियों ने इमरजेंसी मेडिसिन विभाग और ट्राॅमा विभाग चलाने के लिए उसमें इस्तेमाल होने वाले दवा तथा अन्य उपकरणों का इंतजाम करने की व्यवस्था शुरू कर दी है।
इस ब्लॉक में आपात कालीन स्थिति में इलाज करवाने आए मरीजों के लिए 100 बिस्तरों की व्यवस्था होगी। मरीजों को स्ट्रेचर पर रहकर अपना इलाज नहीं करवाना पड़ेगा। अस्पताल के इस ब्लाॅक में सुरक्षा कर्मियों के अलावा ब्लॉक की साफ-सफाई के लिए कर्मियों की तैनाती की जा रही है। इसमें 20 से अधिक सुरक्षा कर्मी और इसी अनुपात में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी 24 घंटे रहेगी।
लोक निर्माण विभाग को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री की ओर से ट्राॅमा ब्लॉक शुरू करने को लेकर निर्देश आए हैं। ब्लॉक में जो काम बचा है उसे पूरा करने को लेकर लोक निर्माण विभाग को सूचित किया है। अस्पताल स्तर पर जो कार्य होने हैं उसको लेकर कमेटी गठित करके उन्होंने अपना काम करना शुरू कर दिया है।
- डॉ. राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
चमियाना के लिए तैनात नर्सें अभी आईजीएमसी देंगी ड्यूटी
अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान (चमियाना) में हाल ही में 61 स्टाफ नर्सों की तैनाती की है। अभी मुख्य सुपर स्पेशलिटी विभाग शिफ्ट नहीं हुए हैं। इस वजह से यहां पर तैनात की गईं नर्सों की ड्यूटी आईजीएमसी में लगाई जाएगी। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक विभागों के अलावा इनसे न्यू ट्राॅमा ब्लॉक में काम लिया जाएगा। हालांकि जब विभाग शिफ्ट होंगे तो उन्हें यहां से चमियाना भेज दिया जाएगा।