उन्होंने अधिकारियों, वैज्ञानिकों और एनवीएस संसाधन भागीदारों जीएसडीपी भागीदारों के एक वर्ष के कार्य के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पैरा वर्ग्रीकरण के तीन सौ से अधिक और अपशिष्ट प्रबंधन के 200 से अधिक और वायु जल प्रबंधन 150 से अधिक है। उन्होंने इस दिशा में उठाए गए कदमों और प्रयासों को लेकर हिमकोस्ट के सदस्य सचिव कुणाल सत्यार्थी और एजीसैक टीम की सराहना की।
कार्यशाला में जैम्स मैथ्यू , राष्ट्रीय समन्वयक कुमार रजनीश, डा. बृजेश सकलानी, डा. राहित चौहान, अनिरुद्ध चंद्र मोहन सिंह, शालिनी चौहान वैज्ञानिक प्रशिक्षण देंगे। कार्यशाला में बताया गया कि ग्रिड्स योजना में भारत में 76 एनवीएस केंद्रों में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को एक एनवीएस हब चुना जाता है, हिमाचल प्रदेश एनवीएस हब ने प्रदेश में कुल्लू जिले का चयन किया है। अवन संसाधन, नदियों के साथ प्राकृतिक संसाधनों का मानचित्रण किया गया है।