केंद्र सरकार ने शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए शुरू किए गए स्टार्स प्रोजेक्ट में हिमाचल को भी शामिल कर लिया है। भारत सरकार ने स्टार्स को स्ट्रेथनिंग टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्ट फॉर स्टेट्स के नाम का दर्जा दिया है।
शुक्रवार को नई दिल्ली में हुई मानव संसाधन विकास मंत्रालय की बैठक में प्रोजेक्ट के तहत शामिल किए गए देश के छह राज्यों की घोषणा की गई। हिमाचल के अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल, उड़ीसा और महाराष्ट्र प्रोजेक्ट के तहत शामिल किए गए हैं।
इन सभी राज्यों को विश्व बैंक फंडिंग करेगा। छह साल के लिए हर राज्य को 500 करोड़ का बजट दिया जाएगा। प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने हिमाचल को इस प्रोजेक्ट के तहत शामिल करने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया है।
निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों को सुविधाएं देने के लिए केंद्र सरकार ने स्टार्स प्रोजेक्ट शुरू किया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत प्री प्राइमरी स्कूलों को मजबूत किया जाएगा। स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा पर जोर देते हुए अधिक से अधिक कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके अलावा शिक्षकों के प्रशिक्षण केंद्रों को आधुनिक किया जाएगा। शिक्षक ट्रेनिंग में बदलाव किया जाएगा।
एमआईएस डाटा एकत्र करने के लिए नए तरीके अपनाए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रोजेक्ट के तहत जारी हुई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र देने के बाद ही अगली किस्त जमा होगी।
उधर, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि स्टार्स प्रोजेक्ट के तहत बेहतर कार्य किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा देने में बहुत मददगार साबित होगा।