ऐसे में विटामिन-डी की कमी को पूरा करने के लिए स्टाके मशरूम प्रभावी विकल्प बन सकता है। पुणे (महाराष्ट्र) और नार्थ ईस्ट की एक कंपनी ने इसकी तकनीक को लिया है, लेकिन संस्थान चाहता है कि हिमाचल से कोई कंपनी इस तकनीक के लिए आगे आए।
इस संबंध में ऊना की एक कंपनी से बात चल भी रही है। स्टाके मशरूम का इस समय बाजार में करीब ढाई हजार रुपये एक किलो का मूल्य है। आईएचबीटी के निदेशक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि विटामिन-डी की कमी को पूरा करने के लिए आईएचबीटी ने स्टाके मशरूम तैयार किया है।
इसके खाने से विटामिन-डी की कमी पूरा किया जा सकता है। संस्थान इस मशरूम को बड़े पैमाने पर मार्केट में लाने के लिए किसी कंपनी का इंतजार कर रहा है। इस संबंध में कई कंपनियों से बात चल रही है।