यात्रा में केवल शारीरिक और मानसिक रूप से फिट व्यक्ति ही जाएं। बेसकैंप पर अपना पंजीकरण करवाएं। पंजीकरण के दौरान अपना और अपने परिजनों का पूरा पता और मोबाइल नंबर लिखवाना होगा। यात्रा के दौरान जत्थों में ही जाएं। श्रद्धालु किसी भी प्रकार का नशा लेकर न जाएं। धीरे-धीरे चढ़ाई चढे़ं। जरूरी दवाइयां, गर्म कपड़े, जूते, गर्म जुराबें और अन्य सामान साथ ले जाएं।
पिछले वर्ष गई 4 श्रद्धालुओं की जान
पिछले वर्ष श्रीखंड यात्रा पर गए कुल 4 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। एक की हृदय गति रुकने और अन्य की ऑक्सीजन की कमी से जान गई थी। एसडीएम चेत सिंह ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि बिना मेडिकल चेकअप यात्रा पर न जाएं।
श्रीखंड का पौराणिक महत्व
श्रीखंड की पौराणिक मान्यता है कि भस्मासुर राक्षस ने अपनी तपस्या से शिव से वरदान मांगा था कि वह जिस पर भी अपना हाथ रखेगा, वह भस्म होगा। राक्षसी भाव होने के कारण उसने माता पार्वती से शादी करने की ठान ली। इसलिए भस्मापुर ने शिव के ऊपर हाथ रखकर उसे भस्म करने की योजना बनाई, लेकिन भगवान विष्णु ने उसकी मंशा को नष्ट किया।
विष्णु ने माता पार्वती का रूप धारण किया और भस्मासुर को अपने साथ नृत्य करने के लिए राजी किया। नृत्य के दौरान भस्मासुर ने अपने सिर पर ही हाथ रख लिया और भस्म हो गया। आज भी वहां की मिट्टी और पानी दूर से लाल दिखाई देते हैं।