मशरूम के साथ अब मसालों का जायका भी मिलेगा। इसमें खुंब अनुसंधान निदेशालय (डीएमआर) की ओर से मसालों के अपशिष्टों पर ढिंगरी मशरूम उगाने का शोध किया जा रहा है। लोगों को मशरूम खाने के साथ प्रोटीन ही नहीं, बल्कि जीरा, सौंफ और धनिया के औषधीय गुण भी मिलेंगे। इसका शोध डीएमआर के विशेषज्ञ एनआरसीएसएस (राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र) अजमेर के साथ कर रहे हैं। सफल शोध के बाद इसका प्रशिक्षण देशभर के मशरूम उत्पादकों और किसानों को भी दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार खुब अनुसंधान निदेशालय के वैज्ञानिकों की ओर से पहले औषधीय पौधों के अपशिष्टों पर ढिंगरी मशरूम उगाने का सफल प्रशिक्षण किया जा चुका है।
डिंगरी मशरूम में अदरक और तुलसी के गुण पाए गए हैं। अब मसालों के अपशिष्टों पर डिंगरी को तैयार किया जा रहा है। इसे जीरा, धनिया और सौंफ पर उगाने का कार्य किया जा रहा है। हिमाचल में मसालों की कम खेती होती है, लेकिन एनआरसीएसएस मसालों पर ही कार्य किया जा रहा है। सफल शोध के बाद मशरूम में मसालों के गुण भी आएंगे। डॉ. वीपी शर्मा, निदेशक, खुंब अनुसंधान निदेशालय