प्रदेश भर में अवैध खनन के 116 मामले हाईकोर्ट के समक्ष लंबित हैं। इन मामलों पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने विशेष खंडपीठ का गठन किया है। इन मामलों की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ के समक्ष 21 सितंबर को होगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में प्रदेश भर में हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए राज्य ने संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य शुरू किया था। अवैध खनन से संबंधित एक मामले में राज्य भू वैज्ञानिक ने शपथपत्र के माध्यम से प्रदेश हाईकोर्ट को यह जानकारी दी थी। अदालत को बताया गया था कि जिला सिरमौर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का कार्य पूरा कर लिया गया है।
जिला सोलन, ऊना, कांगड़ा (नूरपुर) में कार्य प्रगति पर है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि हिमाचल से बाहरी राज्यों के लिए भेजे जा रहे खनिज पदार्थों पर लगाम लगाने के लिए चेक पोस्ट को दुरुस्त करना होगा। हाईकोर्ट की ओर से समय-समय पर पारित आदेशों के बावजूद भी प्रदेश में अवैध खनन नहीं रुक रहा है। अवैध खनन की वजह से पर्यावरण के साथ-साथ प्रदेश के राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है। अवैध खनन माफिया बिना फीस अदा किए कीमती खनिज पदार्थों को बरबाद कर रहा है।