दिवाली पर आगजनी और पटाखे से जलने की घटनाओं की आशंका के मद्देनजर अस्पताल के आपदा प्रबंधन और इमरजेंसी वार्ड को तैयार रहने को कहा है। राजधानी के आईजीएमसी अस्पताल में बर्न वार्ड अलग से है। दिवाली की रात आमतौर पर आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
इस दिन पटाखे से जलने वालों की तादाद अधिक होती है। अस्पताल प्रशासन ने डाक्टरों को दिवाली की रात मुस्तैद रहने को कहा है। इस दिन डाक्टरों की ड्यूटी बढ़ा दी है। वरिष्ठ डाक्टरों को आन कॉल उपलब्ध रहने को कहा है। जूनियर और सीनियर रेजीडेंट को भी अस्पताल में रहने को कहा है। आपातकालीन वार्ड के बिस्तर तैयार रखने और साफ सफाई करने की हिदायत दी है।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से लोगों को सलाह दी है कि पटाखे चलाते समय थोड़ी एहतियात बरतें। आईजीएमसी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि कम तीव्रता के पटाखे से कान के परदे सुरक्षित रहते हैं। आंख में चोट लगने पर आंख को मले नहीं। अस्पताल में सभी तरह के इंतजाम पूरे कर लिए हैं।