हिमाचल प्रदेश ठोस कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन, शहरी प्रबंधन, सड़क निर्माण, रखरखाव के लिए दक्षिण कोरिया एवं विश्व बैंक के वैश्विक अनुभव का उपयोग करेगा। ग्रीन हिमाचल के निर्माण में कोरियाई विशेषज्ञ भी मदद करेंगे। शिमला में शनिवार को कोरियन ग्रीन ग्रोथ ट्रस्ट फंड और विश्व बैंक के संयुक्त तत्वावधान में हिमाचल में हरित प्रगति पहल विषय पर आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने की।
सुधीर शर्र्मा ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से कोरियाई विशेषज्ञों को विभिन्न क्षेत्रों में विचारों के आदान-प्रदान और उनका सहयोग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। टीम का यह दौरा हरित आवरण और समावेशी विकास के क्षेत्रों में कार्य करने में विश्व बैंक की ओर से राज्य सरकार को दीर्घकालीन सहयोग का एक हिस्सा है।
हरित स्मार्ट सिटी विकास पर करेंगे विचार
मुख्य सचिव वीसी फारका
राज्य सरकार शिमला को विकसित करने, धर्मशाला शहर को स्मार्ट सिटी बनाने, शिमला शहर में यातायात समस्या को व्यवस्थित करने के लिए कोरियाई मॉडल की तर्ज पर कार्य करने समेत कई योजनाओं पर विचार कर रही है। हरित आवरण में वृद्धि की पहल के लिए राज्य सरकार ने हरे पेड़ों के कटान, पॉलीथिन के प्रयोग, प्लास्टिक थैलों, प्लास्टिक के कप एवं प्लेटों के अलावा सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त डा. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा तरुण श्रीधर, मनीषा नंदा और नरेंद्र चौहान, वन एवं पर्यावरण के प्रधान सचिव तरुण कपूर, कोरियन ग्रीन ग्रोथ ट्रस्ट फंड की कार्यक्रम प्रबंधक यूं जू यी, विश्व बैंक के वरिष्ठ पर्यावरण विशेषज्ञ पीयूष डोगरा सहित सरकार के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर मौजूद रहे।
मुख्य सचिव वीसी फारका ने कहा कि कोरिया का सूचना, संचार एवं प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप का अनुभव प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता एवं नागरिक सेवाओं के बेहतर स्तर को हासिल करने में योगदान करेगा। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार सड़क निर्माण क्षेत्र में हरित निर्माण प्रौद्योगिकी के प्रयोग के क्षेत्रों, हरित वृद्धि हासिल करने में आईसीटी का प्रयोग तथा नागरिकों की सहभागिता से हरित स्मार्ट सिटी विकास की अवधारणा पर भी विचार कर रही है।