बिलासपुर में चल रहे राज्य स्तरीय युवा उत्सव में लड़कियां चेंजिंग रूम में कपड़े बदल रही थीं। फिर कुछ ऐसा हुआ कि उन्हें अपनी योजना बदलनी पड़ी और इस बीच जमकर हंगामा हुआ।
इससे साफ है कि बिलासपुर में चल रहे राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में प्रदेश भर से आईं लड़कियों की सुरक्षा रामभरोसे है। दरअसल लड़कियों के कमरे में शरारती तत्वों के घुस जाने का मामला सामने आया है।
लड़कियों के चेंजिंग रूम में लड़कों के घुसने पर काफी देर हंगामा हुआ। छात्राओं का आरोप है कि वे कपड़े बदलने की तैयारी कर रही थीं इस बीच कुछ लड़के उनके कमरे में घुस आए। जब इसका विरोध किया तो बहस करने लगे। उन्होंने इसकी शिकायत जिला खेल अधिकारी से की।
अधिकारी एक घंटे तक मौके पर नहीं पहुंचा
हैरानी इस बात की है कि घटना की सूचना जिला खेल अधिकारी को देने के बावजूद कोई अधिकारी करीब एक घंटे तक मौके पर नहीं पहुंचा। वीरवार सुबह उस समय हंगामा हो गया, जब कांगड़ा जिले के एक स्कूल की कुछ लड़कियों ने आरोप लगाया कि कुछ शरारती तत्व जबरन उनके कमरे में घुस आए।
लड़कियों के मुताबिक शरारती तत्व भी कांगड़ा जिले के एक स्कूल से हैं। मामला वीरवार सुबह आठ से नौ बजे के बीच का है। इसके बाद लुहणू खेल परिसर में इंडोर स्टेडियम के बाहर भी दोनों पक्षों में बहसबाजी चलती रही। मामला इतना बढ़ गया कि दर्जनों लोग इकट्ठा हो गए।
शरारती तत्व अपनी गलती मानने को तैयार नहीं थे। शरारती तत्वों और लड़कियों के बीच लगभग आधा घंटे तक बहस चलती रही। शरारती तत्व उनको धमकियां देते रहे। इसके बाद लड़कियों ने इसकी लिखित शिकायत जिला खेल अधिकारी से की।
दोनों पक्षों को बुलाकर सुलझाया मामला : कौंडल
छात्राओं का कहना है कि वे मामले की शिकायत उपायुक्त से भी करेंगी। बिलासपुर में चल रहे युवा उत्सव में 11 जिलों के 700 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं।
जिला खेल अधिकारी श्यामलाल कौंडल का कहना है कि दोनों पक्षों को बुलाकर मामला सुलझा दिया गया था।
उन्होेंने कहा कि लड़कियों की शिकायत मिलने पर लुहणू स्थित इंडोर स्टेडियम में कर्मचारी को भेज दिया गया था। संबंधित जिले के खेल अधिकारी को बुलाया था। लड़कियों के कमरे में घुसने वाले लड़कों ने माफी मांग ली थी।
शिकायत मिलने पर करेंगे कार्रवाई : डीसी
उपायुक्त बिलासपुर ऋग्वेद ठाकुर का कहना है कि लड़कियों की शिकायत अभी तक उनके पास नहीं आई है। उन्होंने बताया कि आपस में दोनों पक्षों के बीच मामला शांत हो गया था, लेकिन अगर फिर भी उनके पास शिकायत आती है तो इस पर कार्रवाई की जाएगी।