मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता के लिए सभी शहरी निकायों में गठित वार्ड कमेटियों की नियमित तौर बैठकें आयोजित की जाएं। इसके साथ ही इन कमेटियों के माध्यम से ठोस तरल कूड़ा पृथकीकरण के बारे में जागरूक किया जाए।
इस बाबत शनिवार को धर्मशाला के डीआरडीए के सभागार में ठोस कूड़ा कचरा प्रबंधन को लेकर शहरी निकायों और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी आयोजित की गई। इसमें शहरी निकायों में ठोस कूड़ा कचरा प्रबंधन को लेकर उठाए गए कदमों की समीक्षा भी की गई।
उन्होंने कहा कि शहरी निकायों के लिए ठोस कूड़ा प्रबंधन और स्वच्छता के लिए निर्धारित मापदंडों को पूरा करना अनिवार्य है। स्वच्छता के लिए डोर-टू-डोर स्तर पर ही तरल और ठोस कूड़ा कचरा अलग-अलग से एकत्रित करना जरूरी है, ताकि संयंत्र में तरल तथा ठोस कूड़ा कचरे का सही तरीके से उपयोग हो सके।