सोलन से परवाणू नेशनल हाईवे पर पानी के साथ पत्थर भी बरस रहे हैं। फोरलेन के लिए पहाड़ के नीचे खुदाई की गई है। भारी मशीनों से खुदाई की वजह से चट्टानों की पकड़ ढीली पड़ गई है।
कच्ची मिट्टी में फंसीं भारी भरकम चट्टानें और टनों के हिसाब से मलबा सड़क पर आ रहा है। फोरलेन निर्माण एजेंसी ने एक तरफ मार्ग खुला रखा है, लेकिन दूसरी तरफ का मार्ग वाहन ले जाने लायक नहीं है।
दत्यार, चक्की मोड़, जाबली व सनवारा के बीच ऊंची पहाड़ियां हैं। ढलान पर बड़े-बड़े पत्थर अटके हैं, जो कभी भी मौत बनकर नीचे से गुजर रहे वाहनों पर गिर सकते हैं।
धर्मपुर के सुक्की जोहड़ी, कंडा चौक, कसौली चौक पर सड़क किनारे डंगे लगाने का कार्य चल रहा है। यहां इस्तेमाल होने वाली सामग्री को सड़क पर गिराया गया है। ऐसे में हादसे का खतरा और भी बढ़ गया है।
जाबली में ओवरब्रिज की तैयारी
फोरलेन मार्ग करीब 39 किलोमीटर लंबा होगा। कंपनी फिलहाल उन्हीं जगहों पर कटिंग कर रही है, जो सुलभ हैं। जाबली तक करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
फोरलेन में पहाड़ों से गिर रहे पत्थरों के अलावा दूसरी बड़ी बाधा रेलवे ट्रैक की है, जिसका तोड़ अब ओवरब्रिज से ढूंढा जा रहा है। जाबली फाटक से ओवरब्रिज के माध्यम से फोरलेन को पार लगाया जाएगा।