नालागढ़ के एक नर्सिंग कॉलेज में एक छात्रा ने अपने हाथ की नस काट ली है। उसका आरोप है कि प्रधानाचार्य की ओर से जातिसूचक शब्द बोलने, मारपीट करने व बहन को कॉलेज से बाहर निकलने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। छात्रा का आरोप है कि कॉलेज के प्रधानाचार्य व एक महिला प्रोफेसर ने उसे और उसकी बहन को जाति सूचक शब्द कहे। साथ ही छात्रवृत्ति पूछने पर उसकी पिटाई की और उसकी बहन को कॉलेज से बाहर निकाल दिया।
छात्रा ने इन दोनों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया है। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रा ने आत्महत्या कराने के इरादे से नस काट ली। दोनों छात्राओं ने पुलिस को बताया कि वह मंडी जिले की रहने वाली हैं। दोनों नालागढ़ कॉलेज में पढ़ती हैं। कॉलेज के प्रिसिंपल व महिला प्रोफेसर उनसे काफी समय से जाति के आधार पर भेदभाव कर रहे हैं। छात्रा ने बताया कि 30 जनवरी को छात्रवृत्ति के बारे में पूछने पर प्रधानाचार्य व महिला प्रोफेसर ने उसके साथ मारपीट की और उसकी बहन को कॉलेज से निकाल दिया।
उसके बाद पुलिस में एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। मगर पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। वह नालागढ़ में किराये के मकान में रहती है। उसने अपने कमरे में नस काट ली। इस दौरान उसकी बहन भी साथ थी। आसपास के लोगों ने उसे नालागढ़ अस्पताल पहुंचाया। नस काटने से पहले छात्रा ने वीडियो बनाई जिसमें उसने कहा कि उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई है।
आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। 23 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। उसे दर्ज कराने में भी पांच दिन लगे। पहले दिन मामला दर्ज हुआ और दूसरे दिन उसको मेडिकल के लिए बुलाया गया। उधर, डीएसपी फिरोज खान ने नस काटने की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।