राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार पाने वालों को पांच अंक दिए जाएंगे। इसके अलावा भी विभिन्न मानकों के आधार पर मार्किंग होगी। सरकारी स्कूलों में नियुक्त करीब 25 हजार जेबीटी, 18 हजार सीएंडवी, 18 हजार टीजीटी और 20 हजार पीजीटी तबादला नीति के दायरे में आएंगे।
शिक्षकों के तबादलों के लिए बनाए जा रहे सॉफ्टवेयर का प्रयोग शुरू होते ही नेताओं की जी हजूरी की प्रथा खत्म हो जाएगी। वर्तमान में रोजाना किसी न किसी मंत्री के पास शिक्षक तबादलों की अर्जी लेकर हाजिरी भरते हैं।
कई विधायक भी सिर्फ तबादलों के आवेदन लेकर मंत्रियों के पास पहुंचते हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के कार्यालय में दिन भी तबादले की आस में आए शिक्षकों की ही भीड़ रहती है।