वह हमेशा जमीन से जुड़ी रहीं। भारतीय नारी का आदर्श, एक आदर्श पत्नी और मां थीं। सदैव सम्मान देती थीं। मैं लगातार उनके संपर्क में रहा। ईश्वर उनके परिवार को इस सदमे को सहने की शक्ति दे। एक महान व्यक्तित्व के अचानक चले जाने का दुख है। उनकी आत्मा को ईश्वर अपने चरणों में स्थान दें। बातिश ने अमर उजाला को बताया कि उस वक्त वह चंडीगढ़ एबीवीपी इकाई के प्रमुख थे तो उस वक्त सुषमा लॉ कर रही थीं।
उनसे वाद-विवाद प्रतियोगिताओें में परिचय हुआ था। वह प्रखर वक्ता थीं और उस समय अपना नाम सुषमा शर्मा लिखती थीं। बाद में उनसे एबीबीवी को ज्वाइन करवाया तो वह बहुत सक्रिय तो नहीं थीं, एबीवीपी की सिंपेथाइजर थीं। इसके बाद सेक्टर 17 में एबीवीपी का धरना हुआ तो उसमें भी वह शामिल हुई थीं। सुषमा तीन अलग-अलग पोस्ट में उनका जिक्र कर चुकी थीं।