बर्फ में फिसलन के कारण सरकारी और निजी बसों के बंद हो जाने के कारण बसों में सवार राजधानी आने वाले लोगों को पैदल कई किलोमीटर का सफर करने पर मजबूर होना पड़ा। सुबह के समय सोलह मील और घणाहट्टी-बनूटी तक बर्फ गिरने के जारी रहे क्रम के कारण बनूटी-जबलोग पेट्रोल पंप तक बसें सड़क के किनारे खड़ी हो गईं।
बर्फबारी और बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 205 पर शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 40 किमी दूर जिला सोलन के कराड़ाघाट से आगे सुबह 11 बजे के बाद बसें शिमला की ओर बसे नहीं आईं। बर्फ में फिसलन के कारण सरकारी और निजी बसों के बंद हो जाने के कारण बसों में सवार राजधानी आने वाले लोगों को पैदल कई किलोमीटर का सफर करने पर मजबूर होना पड़ा। सुबह के समय सोलह मील और घणाहट्टी-बनूटी तक बर्फ गिरने के जारी रहे क्रम के कारण बनूटी-जबलोग पेट्रोल पंप तक बसें सड़क के किनारे खड़ी हो गईं। एनएच पर कराड़ाघाट से आगे सुबह 11 बजे के बाद सिर्फ निजी वाहनों की कम संख्या में आवाजाही जारी रही।
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इससे पैदल शिमला की ओर आने वाले लोगों को लिफ्ट का सहारा मितला रहा। बनूटी पेट्रोल पंप से आगे अधिक बर्फ होने और सड़क से बर्फ न हटाए जाने के कारण पैदल चलने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं रहा। सुबह के समय ढैंढा में ही लोकल और लंबे रूट की बसें फंसना शुरू हो गई थीं। ढैंढा में शिमला की ओर से जा रही एक निजी बस बर्फ पर फिसली, लेकिन वह दुर्घटना की शिकार होने से बाल बाल बची। लोगों की पूरा दिन पैदल आवाजाही लगातार बर्फबारी के बावजूद जारी रही। इनमें अधिकतर वह लोग थे, जो घणाहट्टी, धामी, शालाघाट से रोज शिमला नौकरी करने आते है। वहीं लंबे रूट की बसों की वो सवारियां थी, जिन्हें शिमला पहुंचना जरूरी था।
कराड़ाघाट से पैदल चले, बीच में ली लिफ्ट
मंडी के रोहांडा से बैजनाथ बस में सवार होकर आईजीएमसी में मरीज को देखने आ रही सावित्री, रणधीर, कश्मीर सिंह ने बताया कि वह कराड़ाघाट से लेकर पैदल और बीच में लिफ्ट लेकर ही शिमला जा रहे हैं। आईजीएमसी पहुंचना जरूरी है, रोहांडा में भी बर्फबारी होने के कारण उनके पास वापस लौटने का विकल्प भी नहीं रहा, इसलिए वह पैदल ही अब शिमला तक पहुंचेंगे।