हिमाचल में मानसून सक्रिय हो गया है। बुधवार को रोहतांग दर्रे में ताजा बर्फबारी हुई। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा। मंगलवार रात को राजधानी शिमला में बादल झमाझम बरसे। शहर में सबसे अधिक 69 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। प्रदेश के अधिकतम तापमान में बुधवार को सामान्य से 12 डिग्री की कमी दर्ज हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 30 डिग्री रिकार्ड हुआ। सैलानी बुधवार को रोहतांग नहीं जा सके। जिला प्रशासन ने गुलाबा से आगे वाहन नहीं जाने दिए।
भारी बारिश से चंबा में दो स्कूलों और एक घर को भूस्खलन से नुकसान हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 20 जून तक प्रदेश में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया है। 21 जून से मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है। राजधानी शिमला में मंगलवार रात से जारी बारिश का दौर बुधवार शाम तक जारी रहा। मंगलवार रात के मुकाबले शहर में बुधवार को दिन के समय कम बारिश हुई। शहर में कई जगह सड़क किनारे मलबा गिरने से बुधवार को सुबह के समय यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। बुधवार सुबह रोहतांग दर्रे के साथ ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी हुई।
कुल्लू के साथ लाहौल घाटी में बारिश होने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। अटल टनल रोहतांग के साथ मनाली-लेह मार्ग पर यातायात सामान्य है। मौसम खराब रहने पर प्रशासन ने गुलाबा से आगे पर्यटकों की टैक्सियां को रोहतांग जाने से रोक दिया। चंबा में विकास खंड डलहौजी के तहत लाहड़ गांव में भूस्खलन से एक मकान को नुकसान पहुंचा है। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गरोहन की दीवार और प्राथमिक पाठशाला लांगुई के दो कमरे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भारी बारिश से 25 सड़कों पर भूस्खलन से वाहनों की आवाजाही थम गई है। भरमौर-पठानकोट एनएच पर भी दिन भर भूस्खलन का सिलसिला जारी रहा।
बिलासपुर में मंगलवार देर रात से लेकर बुधवार दोपहर दो बजे तक जमकर बादल बरसे। जिला कांगड़ा में बुधवार को दिन भर बारिश जारी रही। मंडी, हमीरपुर, सोलन, ऊना में भी बारिश का दौर जारी रहा। बुधवार को ऊना में अधिकतम तापमान 30.7, नाहन में 28.3, बिलासपुर में 25.0, हमीरपुर में 24.8, कांगड़ा में 22.1, धर्मशाला में 22.6, भुंतर में 21.8, सुंदरनगर में 21.6, चंबा में 19.8, शिमला-कल्पा में 17.0, डलहौजी में 14.4 और केलांग में 6.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। उधर, न्यूूनतम तापमान में भी कमी दर्ज हुई है।
खरीफ की फसल के लिए बारिश लाभकारी
कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने खरीफ की फसल के लिए बारिश को लाभकारी बताया है। बारिश से पर्याप्त पानी मिलने के बाद जिले के कई हिस्सों में धान की रोपाई का काम शुरू हो गया है। वहीं, लगातार हो रही बारिश को बागवानी विभाग ने लीची की फसल के लिए नुकसानदायक बताया है, इस समय लीची का रंग विकसित हो रहा होता है। लगातार बारिश से बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है। फिलहाल मौसम खराब रहने से जिले में किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।