इस कारण गेहूं की फसल पूरी तरह से दब गई थी। पहली बार मार्च माह में हिमपात होने से ग्रामीण सहम गए है। ग्रामीणों की मानें तो मार्च माह में बर्फबारी होने से नुकसान बढ़ सकता है।
ध्याना राम, देविया राम, प्रभुदयाल, हरी सिंह, कैलाश चंद, रोशन लाल, भीष्म सिंह, रावण सिंह का कहना है कि इस बार मौसम की वजह से काफी नुकसान हुआ है। एक तरफ जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई है तो वहीं लोगों के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए है। इ
गुरुवार को बर्फबारी होने से होली-खड़ामुख मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थम गई है। इसके चलते लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। इससे जगह-जगह भूस्खलन भी शुरू हो गया। इसके चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।