प्रदेश के जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में तापमान नीचे सरक गया है और भारी बर्फबारी की आशंका बराबर बनी हुई है। दुर्गम क्षेत्रों को सरकार के प्रबंध नाकाफी हैं। अमूमन जनजातीय क्षेत्र भारी बर्फबारी के बाद अलग-थलग पड़ जाते हैं। ऐेसे में आपातकाल में जरूरत पड़ी तो सरकार के पास जनजातीय लोगों को हवाई उड़ानों के लिए हेलीकॉप्टर तक नहीं है।
सर्दियों में राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्र के लोगों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध रखती है ताकि आपात स्थिति में लोगों खासकर बीमार लोगों या गर्भवती महिलाओं को जोनल अस्पतालों तक पहुंचाया जा सके। सरकार अभी तक जनजातीय क्षेत्रों में हेलीकाप्टर उपलब्ध नहीं करा सकी है।
क्योंकि अभी तक सरकार यह तय नहीं कर पाई है कि किस कंपनी के हेलीकाप्टर किराए पर लिए जाने हैं। जिला लाहौल-स्पिति और चंबा के दुर्गम क्षेत्रों में सर्दियों में बर्फबारी के बाद आपात स्थिति में लोगों को लाने और ले जाने के लिए हेलीकाप्टर सेवाएं उपलब्ध कराती है।
सर्दियां शुरू हो गई है परंतु अभी तक सरकार जनजातीय क्षेत्रों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा आरंभ नहीं कर सकी है। मौसम खराब चल रहा है और अगर भारी बर्फबारी होगी तो आपात स्थिति के लिए सरकार हेलीकॉप्टर व्यवस्था राम भरोसे है।
जनजातीय विकास मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा कहते हैं कि बर्फबारी होने से पहले सरकार हेलीकॉप्टर सेवाएं आरंभ कर देगी। जनजातीय क्षेत्र के लोगों को बर्फबारी के दौरान किसी प्रकार की समस्या नहीं आने देंगे।