एनजीटी के फैसले के खिलाफ ठोस आधार के साथ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। एनजीटी ने करीब एक साल पहले शिमला में ढाई मंजिल से ज्यादा के भवन निर्माण पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद से राजधानी शिमला में हजारों भवन मालिक चिंतित हैं।
सुप्रीम कोर्ट में अगर सरकार को राहत नहीं मिली तो विधानसभा में कानून बनाकर लोगों को राहत दी जाएगी। विधि विशेषज्ञों ने राज्य सरकार को कानूनी राय दी थी कि एनजीटी के फैसले को चुनौती देने से पहले भवन निर्माण विशेषज्ञों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराई जाए।
इसके बाद से सरकार शहरी विकास विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। यह रिपोर्ट शहर के विभिन्न हिस्सों में बने भवनों को लेकर तैयार कराई जा रही है। विधि विभाग के उच्च अधिकारियों से मालूम हुआ है कि सरकार रिपोर्ट मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाएगी।
एनजीटी से पूछा जाएगा कि शिमला में भवन निर्माण को लेकर आदेश किस आधार पर दिया गया है। दूसरी तरफ, यह भी मालूम हुआ है कि अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सरकार के खिलाफ जाता है तो फिर विधानसभा में इस संबंध में विधेयक लाकर कानून बना दिया जाएगा।