मौसम विज्ञान केंद्र के रिकॉर्ड के अनुसार इससे पहले 13 दिसंबर, 2014 को बर्फ बारी हुई थी। इस बार 11 दिसंबर, 2018 की रात को बर्फबारी हुई है। बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज कहते हैं कि बागवान बगीचों में वैज्ञानिक सलाह से उपयुक्त समय पर खाद डालें।
बर्फबारी के तुरंत बाद खाद डालने से ज्यादा लाभ नहीं होगा। देखना होगा कि बगीचों में पांच-सात दिन बाद जब नमी हो जाएगी तो खाद डालने का काम करें। बागवान सुपर फासफेट डालना चाहते हैं तो प्रति पौधा दो किलो खाद डालें। गोबर की सड़ी गली खाद डालनी है तो प्रति पौधा 40 से 50 किलो खाद डालें।
देसी खाद डालने से बगीचों में खाद का कुशन बन जाता है। प्रदेश में जिन किसानों ने गेहूं की बिजाई कर रखी है, उन्हें कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि वे गेहूं के खेतों में पनप रही खरपतवार को समय पर उखाड़ दें। ऐसा करने से गेहूं के पौधे तीव्र गति से बढ़ने लगते हैं। अन्य कृषि फसलें तैयार हैं और उनका तुड़ान किया जाना है।