वहीं, नगवाईं पंचायत की प्रधान कौशल्या ठाकुर का कहना है कि पानी के स्रोत में मरा हुआ सांप था, जिसके कारण लोगों की तबीयत बिगड़ी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगवाईं के प्रभारी डाक्टर सुरेश ने बताया कि 20 मरीजों को गांव में ही उपचार दिया गया, जबकि दो बच्चों को जोनल अस्पताल कुल्लू रेफर किया गया है।
आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि यह स्रोत आईपीएच के अधीन नही हैं। इसके बावजूद संबंधित एक्सईएन को स्पॉट पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यह ब्लाक की स्कीम है।