राजकीय अध्यापक संघ ने किया एसएमसी शिक्षकों के आंदोलन का समर्थन
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की जिला शिमला इकाई ने राजधानी में एसएमसी शिक्षकों के नियमितिकरण और उनके लिए स्थाई नीति बनाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का समर्थन किया है। संघ ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से एसएमसी उनके साथ स्कूलों में सालों से सेवाएं दे रहे कंप्यूटर शिक्षकों के लिए स्थाई नीति बनाने की मांग की है। संघ के जिला प्रधान ताराचंद शर्मा, महासचिव राजेश्वर नेगी, वित्त सचिव दीप राम शर्मा ने प्रेस को जारी संयुक्त बयान में कहा कि बीते रोज शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में मंत्रिमंडल की बैठक के लिए एसएमसी और कंप्यूटर शिक्षकों को लेकर जो रिपोर्ट और प्रस्ताव तैयार किया है, उसका संघ स्वागत करता है। तारा चंद ने कहा कि इन दोनों, वर्गों के लिये सरकार कोई नीति बनाकर लागू करे, जिससे इनका और इनके परिवार का भविष्य सुरक्षित हो। इन शिक्षकों ने अपनी पूरी जवानी शिक्षण कार्य और स्कूलों के लिए समर्पित कर दी है। ये शिक्षक प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में सेवाएं दे कर बच्चों के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहे हैंं। इनका अपना भविष्य अंधकार में है। इसलिए सरकार इनकी दी गई सेवाओं और कार्य के प्रति दिखाई गई समर्पण भावना को देखते हुए इनके लिए स्थाई नीति बनाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन दोनों वर्ग के शिक्षकों के लिए प्रति सरकार इसी तरह से सकारात्मक सोच के साथ जल्द कोई निर्णय लेगी। उन्होंने कहा जल्द सरकार इन शिक्षकों की मांग पूरा कर इन्हें तोहफा देगी।