स्वास्थ्य सुरक्षा योजना में स्मार्ट हेल्थ कार्ड बनाने के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। निजी क्षेत्र के लाखों लोगों को 1.75 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाली योजना यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम यानी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के स्मार्ट कार्ड अब सीएचसी और आयुर्वेदिक अस्पतालों में भी बनेंगे।
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इन कार्डों के लिए लोकमित्र केंद्र या साइबर कैफे में भी ऑनलाइन फीस जमा करवाकर पंजीकृत किया जा सकेगा। जोनल अस्पताल मंडी में स्मार्ट कार्ड बनाने का कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन भविष्य में उपमंडल स्तर पर भी इस तरह के कार्ड बनाए जा सकेंगे। इस योजना का लाभ पहले गरीब तबके को मिलता था,
लेकिन अब सबको मिलेगा। सरकारी क्षेत्र में कार्यरत लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। स्मार्ट कार्ड धारक परिवार के पांच सदस्यों का इलाज पंजीकृत अस्पताल में भर्ती होने पर सामान्य बीमारी की अवस्था में 30 हजार और गंभीर बीमारी की स्थिति में 1 लाख 75 हजार तक निशुल्क किया जाएगा।
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इसके अतिरिक्त कैंसर जैसी बीमारियों की स्थिति में यह सीमा 2 लाख 25 हजार रुपये तक निशुल्क मिलेगी। इसमें क्रिटिकल केयर, हृदयरोग, सर्जरी, मूत्राशय संबंधित रोग व सर्जरी, न्यूरोसर्जरी यानी दिमाग के रोग, ट्रॉमा, ट्रांस्पलांट, रीढ़ की बीमारी संबंधित उपचार आदि शामिल हैं।
अदा करने होंगे 365 रुपये
स्वास्थ्य विभाग की निशुल्क इलाज सुविधा के लिए व्यक्ति को प्रतिदिन एक रुपया खर्च करना होगा। स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए व्यक्ति को जिला अस्पताल के कार्यालय में पंजीकरण करवाकर साल के 365 रुपये जमा करवाने होंगे। इसके बाद व्यक्ति को स्मार्ट कार्ड जारी किया जाएगा। इसके बाद एक वर्ष तक निशुल्क इलाज करवा सकेगा।
इस वेबसाइट पर करें पंजीकरण
यदि कोई भी व्यक्ति स्मार्ट कार्ड बनाना चाहता है तो उस सबसे पहले इंटरनेट पर स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट www.hpuhps.com पर पंजीकरण करवाना होगा। वेबसाइट पर पहले अपना एक लॉगइन आईडी बनानी होगी।
इसमें नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और पासवर्ड भर कर लॉगइन करना होगा। इसमें आधार कार्ड, राशन कार्ड अपलोड करने होंगे। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एक प्रतिलिपि मिलेगी, जिसका प्रिंट निकालकर जिला अस्पताल में जमा करवा कर स्मार्ट कार्ड बनाया जा सकता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना का लाभ उठाने के लिए जोनल अस्पताल मंडी के कमरा नंबर 107 में संपर्क किया जा सकता है। यहीं पर कार्ड बनाए जाते हैं। स्कीम की विस्तृत जानकारी भी ली जा सकती है। औपचारिकताएं पूर करने के बाद यहां पर सुबह 10 से सायं चार बजे तक कार्ड बनवाया जा सकता है।
स्कीम का लाभ उठाएं लोग : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डॉ. देशराज शर्मा ने बताया कि जिले में भी योजना शुरू हो चुकी है। इसके तहत अब लोगों के स्मार्ट कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 5 दिसंबर से लेकर अभी तक 180 लोगों के कार्ड बन चुके हैं। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कभी भी इस कार्ड को जिला अस्पताल में बनाया जा सकता है।
इन अस्पतालों में मिलेगा योजना का लाभ
जिले के चुनिंदा अस्पतालों, आयुर्वेदिक अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी योजना का लाभ उठाया जा सकता है। इनमें जोनल अस्पताल सुंदरनगर, रेफरल अस्पताल सरकाघाट, सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर, सिविल अस्पताल करसोग, सिविल अस्पताल संधोल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पधर, कोटली, गोहर, बलद्वाड़ा, रत्ती, बगसैड़, धर्मपुर, जंजैहली, जिला आयुर्वेदिक अस्पताल मंडी और जोगिंद्रनगर में इस योजना का लाभ मिलेगा।