सुस्त गति से चल रहे स्मार्ट सिटी के कार्य, विकासनगर में पार्किंग बनाने के लिए लगे हैं तीन मजदूर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने का प्लान तैयार करने वाला शिमला नगर निगम खुद इस प्रोजेक्ट के कार्यों को करवाने में सबसे सुस्त है। निगम के सभी बड़े प्रोजेक्ट अधर में लटके हैं। ठेकेदार मौज कर रहे हैं, इन्हें कोई पूछने वाला नहीं है।
शहर में कई जगह टेंडर अवार्ड किए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन काम के नाम पर मौके पर सिर्फ इक्का-दुक्का मजदूर ही दिख रहे हैं। निगम की लेटलतीफी से स्मार्ट सिटी के अधिकारी भी परेशान हैं। विकासनगर में 12 करोड़ से नगर निगम मल्टी स्टोरी पार्किंग बना रहा है। नामी ठेकेदार को इसके निर्माण का जिम्मा सौंपा है लेकिन काम के नाम पर मौके पर तीन चार मजदूर लगे हैं। यह भी बीते दस दिन से सिर्फ एक गड्ढा खोद रहे हैं। पार्षद रचना भारद्वाज ने कहा कि वार्ड के लोगों को पार्किंग की सुविधा नहीं मिल पा रही। सात साल पहले इस पार्किंग का प्लान तैयार किया था, लेकिन जिस रफ्तार से काम चला है, उसके अनुसार अगले 20 साल में यह पार्किंग नहीं बनेगी। निगम से मांग की कि ठेकेदार को काम में तेजी लाने और निर्माण में मशीनरी तैनात करने को कहा जाए।
जंग खा रहे ओवरब्रिज के पिल्लर
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत नगर निगम गोल पहाड़ी पार्क का काम भी करवा रहा है। इसका काम बीते साल दिसंबर में पूूरा होना था, लेकिन इसके छह महीने बाद भी अधूरा है। पार्कों में जिम उपकरण लगाने का प्रोजेक्ट टेंडर से आगे नहीं बढ़ पा रहा। हिमलैंड में ओवरब्रिज बनाने के लिए निगम ने लोहे के पिल्लर तो खड़े करवाए थे लेकिन बीते तीन चार महीने से काम ठप पड़ा है। लोहे के पिल्लर जंग खा रहे हैं।