राजधानी के ऐतिहासिक आइस स्केटिंग रिंक के विस्तारीकरण के लिए कटिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। स्केटिंग के दीवाने इस बार और खुले रिंक में जमी बर्फ पर मस्ती, अठखेलियां और खेल अभ्यास कर सकेंगे। रिंक में ऊपर की ओर करीब बीस फुट तक मैदान और चौड़ा करने को कटिंग पूरी कर ली गई है।
अब खुदाई से निकली मिट्टी को उठाने और उसे मैदान में बिछाने का कार्य जोरों से चल रहा है। दिसंबर के पहले सप्ताह तक रिंक मैदान में स्केटिंग सीजन शुरू हो जाएगा। प्रदेश सरकार के खेल विभाग की ओर से रिंक के विस्तारीकरण को 45 लाख मिले थे। मार्च माह में कार्य शुरू हुआ था।
रिंक को जमने में एक सप्ताह तक का समय लगता है। 1920 में बने इस रिंक को 20 फुट तक चौड़ा करने के बाद इस बार इसमें स्केटर और बेहतर ढंग से खेल अभ्यास कर पाएंगे। हर साल स्केटिंग रिंक में साढ़े सात सौ से अधिक हर आयु वर्ग के लोग सदस्यता लेकर स्केटिंग का मजा लेते है। इसमें आठ से दस साल के बच्चे भी शामिल होते हैं।
साइट पर उपलब्ध होंगे सदस्यता फार्म
शिमला आइस स्केटिंग रिंक में इस सीजन के लिए सदस्यता फार्म पहली मर्तबा साइट www.simlaicesketing club.com पर उपलब्ध करवाए जा रहे है। जल्द ही साइट और क्लब के कार्यालय में शाम चार से छह बजे के बीच सदस्यता फार्म उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। सदस्यता शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
तय दरों के मुताबिक जूनियर मेंबर के लिए 1000 और सीनियर के लिए 2000 रुपये भुगतान करना होगा। नॉन मेंबर कैजुअल यानी पर्यटकों व शौकिनों के लिए 200 रुपये प्रति सेशन का शुल्क तय है। स्केट्स के लिए बच्चों से 750 और बड़ों से 1000 प्रति सीजन के हिसाब से शुल्क रखा गया है।
रिंक को मिली स्केट्स ग्राइंडिंग मशीन
स्केट्स की ग्राइंडिंग के लिए आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से डेढ़ लाख की मशीन मिली है। यह रिंक में उपलब्ध रहेगी, जिससे स्केट्स के तले को तीखा करने का कार्य रिंक में ही हो सकेगा।
देरी से शुरू होगी स्केटिंग: बांगा
शिमला आइस स्केटिंग क्लब के महासचिव भवनेश बांगा और कार्यकारिणी सदस्य राजन भारद्वाज का कहना है कि रिंक विस्तारीकरण के कार्य से इस बार सीजन देरी से शुरू हो रहा है। दिसंबर के पहले सप्ताह तक स्केटिंग शुरू करने के पूरे प्रयास रहेंगे।