राज्य के जनजातीय जिले के प्रभावितों को छह माह का सस्ता राशन कोटा देने का फैसला लिया है। जिला लाहौल स्पीति के प्राकृतिक आपदा प्रभावितों को बीपीएल दरों में राशन दिया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से क्षेत्र की 22 हजार आबादी को राहत मिलेगी।
क्षेत्र में सेब के पेड़ों को क्षति पहुंची है। आर्थिक नुकसान के अलावा पशुओं के लिए चारे का भी संकट बन गया है। ज्यादातर आबादी कृषि और बागवानी पर ही निर्भर है। राज्य के कृषि मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में प्राकृतिक आपदा से किसानों-बागवानों को काफी नुकसान हुआ है।
इस कारण से सरकार ने प्रभावितों को बीपीएल दरों में छह माह के राशन का कोटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में बर्फबारी से सेब के 90 फीसदी पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। सरकार सस्ती दराें से राशन देकर छह महीने के लिए राहत प्रदान करेगी।