राज्य विज्ञान प्रयोगशाला जुन्गा, क्षेत्रीय न्यायालिक विज्ञान प्रयोगशाला उत्तरी खंड धर्मशाला, मध्य खंड मंडी, जिला फोरेंसिक इकाइयां बिलासपुर और नूरपुर एवं बद्दी के राजपत्रित अधिकारियों ने भाग लिया।
जुन्गा स्थित फोरेंसिक सेवाएं निदेशालय में अपराध अन्वेषण को सुदृढ़ करने के लिए कार्यशाला करवाई गई। इसमें सीन ऑफ इन्वेस्टिगेशन और क्वालिटी रिपोर्ट्स से संबंधित विषय की जानकारी दी गई। इसमें राज्य विज्ञान प्रयोगशाला जुन्गा, क्षेत्रीय न्यायालिक विज्ञान प्रयोगशाला उत्तरी खंड धर्मशाला, मध्य खंड मंडी, जिला फोरेंसिक इकाइयां बिलासपुर और नूरपुर एवं बद्दी के राजपत्रित अधिकारियों ने भाग लिया। दो दिवसीय कार्यशाला नई लागू कानूनी व्यवस्थाओं और उन अपराधों पर केंद्रित रही।
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मुख्यमंत्री की ओर से फोरेंसिक साइंस डेवलपमेंट बोर्ड की 9वीं बैठक में जिला स्तर पर क्राइम सीन यूनिट को मजबूती प्रदान करने के लिए 6 जिलों में क्राइम सीन यूनिट को खोलने की मंजूरी प्रदान की है। डॉ. मीनाक्षी महाजन ने बताया कि अपराध स्थलों के निरीक्षण के दौरान यदि घटना स्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्यों को सही ढंग से एकत्र किया जाए, तो अपराधियों को पहचानना और उन्हें सजा दिलाना सरल हो जाता है। बैठक में फॉरेंसिक साक्ष्य का संरक्षित करने के तरीकों, जांच की प्रभावी रणनीतियों और फॉरेंसिक प्रक्रिया के दौरान टाइमलाइन का प्रबंधन सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। सभी अधिकारियों को कार्य समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि अपराधों की जांच प्रक्रिया तेज और सटीक हो सके।