सूर्योदय से भद्रा का साया, दोपहर 1:31 से शाम 4:25 बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
प्रदोषकाल 6:56 से रात 09:08 बजे तक भी बहनें बांध पाएंगी रक्षा सूत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि सोमवार रक्षाबंधन पर्व के रूप में मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि सोमवार सूर्योदय से शुरू होकर पूरे दिन रहेगी। पूर्णिमा तिथि के दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी यानी रक्षा धागा बांधकर दुख, संकट से उसकी रक्षा करती हैं। इस साल रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा का साया रहेगा। ऐसे में दोपहर 1:30 बजे के बाद ही बहनें राखी बांध पाएंगी।
राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी पं. उमेश चंद नौटियाल ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार भद्रा में राखी बांधना अशुभ माना जाता है। भद्रा में बांधी गई राखी का फल प्राप्त नहीं होता है। वहीं दुख का कारण बनता है। शास्त्रों में भद्राकाल में कोई भी मांगलिक कार्य, उत्सव, भाई की कलाई पर राखी बांधना निषेध माना गया है।
उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह 05:53 बजे से ही भद्रा लग जाएगी। दोपहर 01:30 बजे तक भद्रा रहेगी। ऐसे में दोपहर 01:31 बजे से ही राखी का त्योहार मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि भद्रा के मुख काल में राखी बांधना निषेध है। सुबह के समय राखी नहीं बांधनी चाहिए। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:30 बजे के बाद ही शुरू होगा। दोपहर 1:31 से 04:25 बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है। इसके अलावा पंचांग में प्रदोष काल में भी राखी बांधना शुभ माना गया है। प्रदोष काल का मुहूर्त शाम 06:56 से रात 09:08 बजे तक रहेगा।
मिठाई की दुकानों पर लगीं लाइनें, खूब बिके केक
रक्षाबंधन के लिए रविवार को बाजारों में खूब रौनक रही। राखियों समेत मिठाइयों की जमकर खरीदारी हुई। मिठाई खरीदने के लिए दुकानों में दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही। दुकानदारों ने भी राखी पर दुकानों के बाहर स्पेशल स्टॉल लगाए। इसके साथ ही लोगों ने पर्व मनाने के लिए केक भी खरीदे। बाजार में राखी पर स्पेशल केक तैयार किए गए। लोअर बाजार विक्रेता तरुण राणा ने बताया कि राखी पर लोगाें की डिमांड पर स्पेशल केक तैयार किए गए हैं। सोमवार के लिए भी स्पेशल केक के आर्डर आए हुए हैं। इसके अलावा राखी पर आए चॉकलेट डिब्बों की भी खूब खरीदारी हुई। संवाद