किसान राजेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह, रमेश कुमार, सुरजन सिंह, भीम सिंह, सुरेंद्र कुमार, अनिल शर्मा व सुरेश कुमार ने बताया कि इस बार कीमत सही नहीं मिलने से खर्चा भी पूरा नहीं हुआ। आढ़ती हीरा लाल शर्मा, हरि नारायण, जगदीश शर्मा ने बताया कि इस साल हिमाचल के अलावा असम और बंगलूरू में अदरक की बंपर पैदावार हुई है।
उस पर पाकिस्तान और बंगलादेश को अदरक निर्यात नहीं हुआ। इससे दाम गिरे हैं। आढ़ती राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि असम में लॉकडाउन के दौरान इस बार ज्यादा उत्पादन हुआ है। बांग्लादेश के लिए अब असम का ही अदरक काफी हो गया है, इसलिए वहां सप्लाई बंद है, जबकि पाकिस्तान से लगातार बिगड़ते संबंधों के चलते आयात-निर्यात पहले से ही बंद है।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 2406 हेक्टेयर भूमि में अदरक लगाया जाता है, जिसमें लगभग 26872 मीट्रिक टन अदरक का उत्पादन होता है। इसमें जिला सिरमौर में 1434 हेक्टेयर भूमि में अदरक लगाया जाता है और 18440 मीट्रिक टन उत्पादन होता है।