राजगढ़ क्षेत्र के होनहार युवा रणदीप सिंह सरोल्टा ने संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर की सहायक कमांडेंट की परीक्षा उत्तीर्ण करके माता-पिता और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वह राजगढ़ क्षेत्र के पहले ऐसे युवा हैं, जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की इस कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण किया है। इससे पहले रणदीप सिंह इंडियन नेवी में विभिन्न पदों पर रहकर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सेना में अधिकारी बनने के जुनून में इन्होंने बीते वर्ष इंडियन नेवी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। रणदीप सिंह सरोल्टा का जन्म वर्ष 1989 में राजगढ़ के पास डोहर गांव में एक साधारण परिवार में हुआ।
इनके पिता जगदीश चंद सरोल्टा एक साधारण किसान और माता निर्मला देवी गृहिणी हैं। इनकी पत्नी प्रतिभा चौहान पंजाब नेशनल बैंक सोलन में सेवारत है। इनकी एक डेढ़ वर्षीय बेटी तक्षवी सरोल्टा है। रणदीप सिंह ने पांचवीं तक की शिक्षा पैतृक गांव से की। जवाहर नवोदय विद्यालय नाहन से 12वीं की परीक्षा पास की। उसके बाद वह इंडियन नेवी में भर्ती हो गए। उन्होंने इंडियन नेवी में सेवा करने के दौरान अंग्रेजी और लोक प्रशासन विषय में मास्टर डिग्री प्राप्त की। इसके अतिरिक्त पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय में स्नातक डिप्लोमा (बीजेएमसी) किया। रणदीप सिंह सरोल्टा ने बताया कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के राष्ट्रीय स्तर की यह कठिन परीक्षा उत्तीर्ण की है। बचपन से ही उन्हें सेना की वर्दी पहनने का शौक था, जो कि इंडियन नेवी में पूरा हो गया था। उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद सहायक कमांडेंट बनने के लिए डटकर मेहनत की और उनका सेना अधिकारी बनने का सपना पूरा हुआ है।