हिमाचल के मंडी जिले के बिंद्रावणी बस हादसे में डेढ़ दर्जन लोगों का अंतिम सफर महज आठ मिनट का था। यह सफर कई परिवारों को ताउम्र का जख्म दे गया। दुर्घटनाग्रस्त बस मंडी बस स्टैंड से अपने निर्धारित समय से 10 मिनट देरी से चली थी और इसी वजह से ड्राइवर ओवरस्पीड था। बस चलने के महज आठ मिनट बाद ही यह दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
महज तीन किमी के सफर के बाद 17 जिंदगियां मौत की आगोश में समा गईं। हादसे का मंजर इतना भयावह था कि कई मृतकों के चेहरे पूरी तरह से विक्षप्त हो चुके थे, जिससे उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया था। बस ऑपरेटरों का ज्यादा से ज्यादा पैसे बटोरने का लालच दर्जनों परिवारों पर भारी पड़ गया।
बस स्टैंड के चलने का समय सवा बारह बजे का है। चालक व परिचालक ने बस को बस स्टैंड से निर्धारित समय पर बाहर निकाल दिया। बस स्टैंड के बाहर लगभग 10 मिनट तक बस को सवारियों से भरते रहे। इसी चक्कर में बस अपने समय से 10 मिनट लेट हो गई। सवारियों से बस भरने की चाह व टाइम को कवर करने की कोशिश ने कई परिवारों को जिंदगी भर का जख्म दे दिया है।
बस महज आठ मिनट के भीतर ही बिंद्रावणी में पहुंच गई। बस में सफर कर रहे लोगों को कहां मालूम था कि महज तीन किमी के बाद वह इतने दर्दनाक हादसे का शिकार हो जाएंगे। हादसा इतना भयावह था कि कई शवों की पहचान तक करना मुश्किल हो गया है। बस की टक्कर में पैरापिट भी टूट गया।
साढे़ चार लाख रुपये से भरा बैग गिरा
जोनल अस्पताल मंडी में उपचाराधीन बस हादसे के घायल बशीर अहमद पुत्र अली मोहम्मद निवासी गांव करालपुरा जिला कुपावड़ा जम्मू कश्मीर ने बताया कि वह कंबल और शॉल का कारोबार करता है। वह घर-घर जाकर कंबल और शॉल बेचता है। कुछ छोटे दुकानदारों को सप्लाई भी देता है।
उन्होंने बताया कि शनिवार को वह कारोबार के सिलसिले में ही कुल्लू की ओर जा रहे थे। बस में उसकी जान पहचान का कोई भी व्यक्ति नहीं था। वह अकेला ही था। उसके पास कंबल और शॉल की गठरी थी। इसके अलावा रुपयों से भरा एक बैग था, जिसमें करीब साढ़े चार लाख रुपये की राशि थी।
उन्होंने बताया कि अचानक हुए बस हादसे के बाद उसका सारा सामान भी गुम हो गया है और रुपयों से भरा बैग भी हाथ से छूटकर पता नहीं कहां गिर गया है। हादसे में वह बुरी तरह से जख्मी है। उसने बताया कि परमात्मा की कृपा से उसकी जान बच गई और जब वह होश में आया तो अपने एक जान पहचान वाले को फोन करके हादसे की सूचना दी।
बेटी की शादी का निमंत्रण देने निकला दंपति हादसे का शिकार
बिंद्रावणी बस हादसे में मंडी शहर के दंपति का अपनी बेटी की शादी देखने का सपना अधूरा रह गया है। बेटी की शादी का निमंत्रण देने अपने रिश्तेदारों के पास बिंद्रावणी जा रहे शहर के प्रेम गली के दंपति की मौत हो गई है। दंपति की मौत से शहर में शोक की लहर छा गई है। जानकारी के अनुसार सुभाष मल्होत्रा पुत्र लालू राम अपनी पत्नी हेम लता के साथ बेटी की शादी का निमंत्रण देने अपने रिश्तेदारों के घर बिंद्रावणी जा रहे थे।
रिश्तेदारों के घर महज 100 मीटर दूर ही बस हादसा होने से माता-पिता का बड़ी बेटी का शादी देखने का सपना अधूरा रह गया है। वार्ड की पाषर्द माधुरी कपूर ने बताया कि दिवंगत दंपति की छोटी बेटी की शादी हो चुकी है। बड़ी बेटी की 21 व 22 नवंबर को शादी होनी थी। शादी का निमंत्रण देने ही दोनों बिंद्रावणी स्थित रिश्तेदार के घर में जा रहे थे। दंपति की मौत से शहर में शोक की लहर है।
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