श्री राधा कृष्ण मंदिर एवं आश्रम राष्ट्रीय संत बाबा बाल महाराज कोटला कलां में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान आचार्य पंडित राम गोपाल शास्त्री ने अमृतमय प्रवचनों से संगत को निहाल कर दिया।
उन्होंने कहा कि यह बाबा की भक्ति का ही प्रमाण है कि यहां इतनी संख्या में श्रद्धालु श्रीमद्भागवत कथा सुनने पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर हमें नशा करना है तो श्रीमद्भागवत कथा का करें।
शास्त्री ने कहा कि किसी भी चीज में अच्छे एवं बुरे संस्कार होते हैं। यह धारण करने वाले पर निर्भर करता है कि वह अच्छे संस्कार ग्रहण करता है या बुरे। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने भविष्य के प्रति सजग रहना चाहिए। मनुष्य अपने वर्तमान को संभाले।
वर्तमान पर जिनकी पकड़ होती है, उनका भविष्य उज्जवल होता है। उन्होंने कहा कि इस संसार में कुछ भी स्थिर नहीं है। बचपन के बाद जवानी और उसके बाद बुढ़ापा आता है।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए मनुष्य को धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने राष्ट्रीय संत बाबा बाल महाराज का आशीर्वाद भी लिया।