बर्फबारी की चादर से लिपटी श्रीखंड महादेव की चोटी।
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समुद्रतल से 18,570 फीट ऊंची दुनिया की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए देशभर के श्रद्धालु उत्सुक हैं। इस बार यह यात्रा और भी कठिन होने वाली है। भक्तों को पांच किलोमीटर तक बर्फ में कदमताल करनी होगी। इससे पहले एक से दो किलोमीटर तक ही बर्फ रहती थी। बताया जा रहा है कि इस साल जून के पहले हफ्ते तक श्रीखंड महादेव की पहाड़ियों में बर्फ के फाहे गिरते रहे। ऐसे में महादेव की यात्रा और भी मुश्किल हो सकती है।
इसका खुलासा पिछले सप्ताह सिहंगाड़ से श्रीखंड महादेव जाने वाले रास्ते का निरीक्षण करने गई श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट की टीम ने किया है। अब टीम ने इसकी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी है। श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट के संस्थापक सदस्यों का दावा है कि सात जुलाई से शुरू होने वाली श्रीखंड यात्रा तक पार्वती बाग से श्रीखंड महादेव तक जो बर्फीला रास्ता है, उसे पैदल चलने योग्य तैयार किया जाएगा। यात्रा को सफल बनाने के लिए श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट ने सभी तरह के इंतजाम उपलब्ध करवाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
श्रद्धालुओं के लिए कई धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की ओर से जगह-जगह लंगर की भी व्यवस्था की जा रही है। श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य बीएस ठाकुर ने कहा कि पूरे रास्ते की मरम्मत की जा रही है। साथ ही बर्फ से ढके रास्ते को भी पैदल चलने योग्य बनाया जा रहा है। यात्रा शुरू होने तक यह काम पूरा हो जाएगा। एसडीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट की टीम ने 32 किलोमीटर पैदल यात्रा के रास्ते का निरीक्षण किया है। इसमें पार्वती बाग से लेकर श्रीखंड महादेव तक का रास्ता पूरा बर्फ से ढका है।
इस बार पांच दिन पहले शुरू होंगी यात्रा
इस बार श्रीखंड महादेव की यात्रा पांच दिन पहले सात जुलाई से शुरू होंगी और 20 जुलाई तक चलेंगी। 2022 में यह यात्रा 11 जुलाई और इससे पहले 15 और 16 जुलाई से आरंभ होती थी। बरसात के मौसम को देखते हुए यात्रा को पांच दिन पहले करवाने का निर्णय लिया है।
32 किमी पैदल चलने पर होते हैं महादेव के दर्शन
श्रीखंड महादेव के प्रति देशभर के श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। जिले के बाह्य सराज निरमंड से आगे जाओं गांव से 32 किमी पैदल यात्रा कर भक्त श्रीखंड पहुंचते हैं। संकरी और कठिन चढ़ाई पार करने पर भक्तों को सिंहगाड़, थाचडू, नयन सरोवर, भीमडवारी और पार्वती बाग जैसे सुंदर स्थानों का पार कर श्रीखंड के दर्शन होते हैं।