सुबह पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे गए। उधर, अस्पताल में शुक्रवार सुबह लोगों की भीड़ बढ़ गई। कोई रोते-बिलखते नजर आया तो कोई एक-दूसरे को दिलासा देते। कुल्लू सदर के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर भी अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और घायलों के परिवार वालों को मदद का भरोसा दिलाया। हादसे के वक्त आम लोगों और स्वयंसेवियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद की थी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के पहुंचने पर कई नेताओं में उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ मची रही।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम 12 बजे के बाद अस्पताल आने का था। सत्ताधारी दल के नेता यहां एक घंटा पहले ही पहुंच गए थे। स्वयंसेवियों ने इस पर रोष जताया कि शाम को जरूरत के समय कोई नेता नहीं आया।