व्यापार मंडल शिमला के खिलाफ एक गुट कर चुका है चुनाव करवाने की तैयारी
क्रॉसर
कारोबारियों को अपने पक्ष में करने के लिए जुटे दोनों गुट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। व्यापार मंडल शिमला के चुनाव पर दो धड़ों में बंटे राजधानी के कारोबारियों में घमासान जारी है। दोनों गुटों के बीच एक ओर जहां जुबानी जंग चल रही है वहीं दूसरी ओर कारोबारियों को अपने-अपने धड़े में शामिल कर मजबूत होने की कोशिश की जा रही है।
दो दिन पहले चुनाव पर अड़े कारोबारियों के एकक धड़े ने बैठक बुलाकर चुनाव करवाने का एलान किया था। वहीं सोमवार देर शाम शिमला व्यापार मंडल ने भी बैठक कर एडवाइजरी कमेटी गठित कर दी। इसमें पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह समेत उपनगरों के कारोबारियों को साथ लेने के लिए कमेटी में जगह दी है। कमेटी में कपिल महाशय, हरि मित्तल, कवि खन्ना, स्वर्ण सिंह, अश्वनी मिनोचा, नरेश कंधारी, रमेश सूद, करनैल सिंह, अशोक कुकरेजा, अशोक कोच्छड़, बलजीत सिंह, बशेश्वरनाथ, रविंद्र चड्ढा, अश्वनी सूद, यशपाल जोशी, विनोद अग्रवाल, अरुण कुठियाला को सदस्य बनाया है। संजीव कुठियाला, विशाल मोहन और अमन सिंघी कानूनी सलाहकार होंगे।
कंवलजीत कारोबारी ही नहीं : मंगा
व्यापार मंडल के अध्यक्ष बने हरजीत मंगा ने कहा कि खुद को कारोबारी नेता कहने वाले कंवलजीत सिंह कोई कारोबारी नहीं है। इनकी शिमला में कोई दुकान नहीं है। यह कारोबारियों को गुमराह कर रहे हैं। अब कारोबारियों की बैठक बुलाकर चुनाव कमेटी गठित की है जो कोई नई बात नहीं है। यह इससे पहले भी कई कमेटियां बना चुके हैं।
सर्विस प्रोवाइडर हैं मंगा : कंवलजीत
कंवलजीत सिंह ने कहा कि यदि वह कारोबारी नहीं है तो अध्यक्ष हरजीत मंगा भी कोई कारोबारी नहीं। वह सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर हैं। अस्थायी व्यापार मंडल के अध्यक्ष बनाए गए संजीव ठाकुर ने चुनाव कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रहे अश्वनी मिनोचा को निशाने पर लिया है। कहा कि कारोबारियों ने मिलकर चुनाव करवाने का फैसला लिया है।