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नेरवा बस स्टैंड में दुकान राख, आग पर काबू पाते झुलसा पुलिस जवान और चौकीदार

Thu, 30 Jan 2020 07:47 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नेरवा
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बस स्टैंड में दुकान जलकर राख - फोटो : अमर उजाला
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नेरवा बस स्टैंड में दुकान जलकर राख हो गई। इससे लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग पर काबू पाते समय पुलिस का एक जवान और परिवहन निगम का चौकीदार बुरी तरह से झुलस गया। चौकीदार को प्रारंभिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला के लिए रेफर कर दिया गया है। जब आग पर काबू पाया जा रहा था, तभी गैस सिलिंडर फट गया। इससे पुलिस जवान और चौकीदार झुलस गए। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बस स्टैंड में देर रात कलिमो दीन पुत्र मजीद दीन की किराना की दुकान में अचानक आग लग गई। लोगों ने दुकान से आग की लपटें निकलती देखी।

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फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई। इसी बीच परिवहन निगम के कर्मी और पुलिस के कुछ जवान भी आग पर काबू पाने के लिए मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाया जा रहा था। इसी दौरान दुकान में रखे सिलिंडर ने आग पकड़ ली और फट गया। इससे निगम के चौकीदार रविंद्र सिंह और पुलिस का एक जवान झुलस गए। रविंद्र को गंभीर हालत में नेरवा अस्पताल पहुंचाया गया। यहां प्रारंभिक उपचार के बाद इसे आईजीएमसी के लिए रेफर कर दिया गया है। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

हालांकि, दुकान में रखा सारा सामान आग की भेंट चढ़ गया है। नायब तहसीलदार नेरवा अरुण कुमार ने प्रभावित दुकान मालिक और घायल को प्रशासन की तरफ से पांच-पांच हजार रुपये बतौर फौरी राहत दी है। डीएसपी चौपाल वरुण पटियाल ने बताया कि मामला दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी गई है। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। एसएचओ नेरवा परमजीत सैणी और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने में मदद की।

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निगम कर्मियों ने दिखाई मुस्तैदी, बसों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

आग पर समय रहते काबू नहीं किया होता तो नुकसान अधिक हो सकता था। बस स्टैंड पर करीब डेढ़ दर्जन बसें भी खड़ी थी। निगम कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कार्यालय से फर्नीचर और रिकॉर्ड बाहर निकाला गया। उसके बाद बसों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। निगम के वरिष्ठ निरीक्षक और कार्यकारी क्षेत्रीय प्रबंधक रतन शर्मा ने बताया कि फायर ब्रिगेड को रात एक बजे फोन किया गया। फायर ब्रिगेड की टीम तीन घंटे के बाद चार बजे मौके पर पहुंची। तब तक पुलिस और परिवहन निगम के कर्मचारी आग पर काबू पा चुके थे। यदि फायर ब्रिगेड की टीम समय पर पहुंच जाती तो नुकसान कम होता।

फायर ब्रिगेड ने 26 किमी की दूरी तय करने में लगा दिए तीन घंटे
दुकान में देर रात आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड को फोन किया। चौपाल से नेरवा की दूरी 26 किलोमीटर है। इस सफर को तय करने में फायर ब्रिगेड ने तीन घंटे लगा दिए। करीब एक बजे फायर ब्रिगेड की टीम को फोन किया गया। टीम सुबह चार बजे मौके पर पहुंची। तब तक आग पर काबू पा लिया गया था। लोगों ने कहा कि यदि फायर ब्रिगेड की टीम पहले आ जाती तो नुकसान कम होता। इधर, फायर अफसर नारायण चौहान ने कहा कि जहां फायर ब्रिगेड का वाहन खड़ा था। वहां दो फीट बर्फ थी। वाहन तक पहुंचने के लिए सड़क को खोला गया। इसमें करीब एक घंटे का समय लग गया। उन्हें डेढ़ बजे के बाद सूचना मिली थी। चार बजे मौके पर पहुंच गए थे। 
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