आग पर समय रहते काबू नहीं किया होता तो नुकसान अधिक हो सकता था। बस स्टैंड पर करीब डेढ़ दर्जन बसें भी खड़ी थी। निगम कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कार्यालय से फर्नीचर और रिकॉर्ड बाहर निकाला गया। उसके बाद बसों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। निगम के वरिष्ठ निरीक्षक और कार्यकारी क्षेत्रीय प्रबंधक रतन शर्मा ने बताया कि फायर ब्रिगेड को रात एक बजे फोन किया गया। फायर ब्रिगेड की टीम तीन घंटे के बाद चार बजे मौके पर पहुंची। तब तक पुलिस और परिवहन निगम के कर्मचारी आग पर काबू पा चुके थे। यदि फायर ब्रिगेड की टीम समय पर पहुंच जाती तो नुकसान कम होता।
फायर ब्रिगेड ने 26 किमी की दूरी तय करने में लगा दिए तीन घंटे
दुकान में देर रात आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड को फोन किया। चौपाल से नेरवा की दूरी 26 किलोमीटर है। इस सफर को तय करने में फायर ब्रिगेड ने तीन घंटे लगा दिए। करीब एक बजे फायर ब्रिगेड की टीम को फोन किया गया। टीम सुबह चार बजे मौके पर पहुंची। तब तक आग पर काबू पा लिया गया था। लोगों ने कहा कि यदि फायर ब्रिगेड की टीम पहले आ जाती तो नुकसान कम होता। इधर, फायर अफसर नारायण चौहान ने कहा कि जहां फायर ब्रिगेड का वाहन खड़ा था। वहां दो फीट बर्फ थी। वाहन तक पहुंचने के लिए सड़क को खोला गया। इसमें करीब एक घंटे का समय लग गया। उन्हें डेढ़ बजे के बाद सूचना मिली थी। चार बजे मौके पर पहुंच गए थे।